स्पष्टता न्यूज
बर्लिन। मेडिकल जर्नल ‘द लैंसेट’ की एक नई रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि परमाणु युद्ध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का गलत इस्तेमाल और जैविक हथियार (बायो-वेपन) वर्ष 2100 तक मानवता के अस्तित्व को समाप्त कर सकते हैं।
दरअसल, लैंसेट कमीशन ऑन इक्कीतसवीं सेंचुरी ग्लोबल थ्रेट्स टू हेल्थ’ द्वारा तैयार इस रिपोर्ट में अगले 75 वर्षों में इंसानी सेहत और अस्तित्व को नुकसान पहुंचाने वाले 17 बड़े खतरों की पहचान की गई है। इनमें परमाणु युद्ध, एआई का गलत इस्तेमाल, जलवायु परिवर्तन, वायु प्रदूषण, बच्चों में कुपोषण, मोटापा और अंतरराष्ट्रीय मदद में कटौती शामिल हैं।
हालांकि, ऐसा होने की संभावना कम है, फिर भी इससे बचने के लिए विशेषज्ञों ने आगाह करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन, वायु प्रदूषण, महामारियों और एआई के बेलगाम इस्तेमाल से उत्पन्न होने वाले खतरों से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर तुरंत ठोस कदम उठाने की सख्त जरूरत है।
